पहले आओ पहले पाओ - कलाम फाउंडेशन

कलाम फाउंडेशन गोरखपुर चैप्टर द्वारा गरीब परिवारों की मदद के लिए जुटाए गए 16000 रुपए


कोरोनावायरस के कारण लाकडाउन के दौरान मलिन बस्तियों, फुटपाथ पर रहने वाले लोगों, दिहाड़ी मजदूरों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ उनकी रोजी रोटी का जरिया ठप हो चुका है तो दूसरी तरफ उनके पास थोड़ी बहुत मात्रा में जमा राशन पानी भी खत्म हो चुका है। समस्या इतनी व्यापक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश की जनता से ऐसे लोगों के मदद के लिए अपील की। प्रधानमंत्री के अपील को ध्यान में रखते हुए कलाम फाउंडेशन गोरखपुर चैप्टर के सदस्यों ने अभियान शुरू किया। इस अभियान में सभी सोशल साइट्स पर फण्ड जुटाने के लिए कैम्पेन चलाया जा रहा है। साथ ही पीड़ितों के मदद हेतु सूचना के आधार पर लोगों के समस्याओं को सरकारी अथवा गैर सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। 


दूसरे प्रदेशों के कई फँसे लोगों को कृष्णभोग के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया गया। वहीं पिपराइच क्षेत्र के कैथवलिया गाँव के एक बच्चे के आकस्मिक इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में आए परिवार को चिकित्सकीय सहायता और भोजन प्रदान की गई जिससे बच्चे की जान बच गई। इस कार्य में उस गांव के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े युवाओं ने बच्चे के इलाज के लिए 16000 रुपये चन्दा जुटाकर मदद की। मलीन बस्तियों में गरीब परिवारों के मदद के लिए कलाम फाउंडेशन आनलाईन धन जुटाने वाली बेबसाइट मिलाप के साथ मिलकर कृष्णभोग को सहयोग कर रही है। लोगों द्वारा इस मुहिम में राहत सामग्री, राशन एवं सहायता राशि देकर सहयोग किया जा रहा है। 


कलाम फाउंडेशन तकनीकी के प्रयोग से कोरोना की लड़ाई को आसान बना रहा है। गाँव के युवाओं का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर गाँव में बाहर से आए लोगों की सूचना प्रशासन को देने, किसी असहाय या गरीब की सहायता करने अथवा सूचना देने, गाँव में लोगों को क्वारंनटाइन हेतु आवश्यक सहयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभी तक जिले के 50 से अधिक पंचायतों को जोड़ा जा चुका है। कोरोना से जुड़ी सावधानियों से भी अवगत कराया जा रहा है। अफवाहों पर नियंत्रण हेतु केवल सरकारी सूचना पर ध्यान देने की बात की जा रही है। 


व्यापक जागरूकता और जानकारी के लिए कलाम फाउंडेशन अगले सप्ताह में आनलाईन सेमिनार (Webinar) का आयोजन कर रहा है जिसमें देश और दुनिया के डाक्टरों एवं विशेषज्ञों द्वारा कोरोना और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जानकारी प्रदान की जायेगी। प्रतिभागियों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर शामिल होने का मौका मिलेगा। इसमें देश और दुनिया के प्रतिभागी घर बैठे कम्प्यूटर या स्मार्ट फोन के माध्यम से शामिल हो सकेंगे। कलाम फाउंडेशन के सत्य प्रकाश विद्यार्थी ने बताया कि यह लड़ाई किसी देश के विरुद्ध नहीं बल्कि मानव के अस्तित्व के लिए है, मानव जाति के लिए है। इस लड़ाई में सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। कलाम फाउंडेशन तकनीकी और समाज को एक साथ जोड़कर कोरोना के रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है।